Bacteria/जीवाणु

Bacteria को पृथ्वी पर जीवन के सबसे पुराने रूपों में से एक माना जाता है। (oldest forms of life on earth) बैक्टीरिया  एक कोशिका से बने होते है इसलिये इन्हें एककोशिकीय सूक्ष्मजीव कहा जाता है  एवं इन्हें prokaryotic group में रखा गया है (क्योंकि इनमें केन्द्रक नहीं पाया जाता )

Table Of Contents -: 

● संरचना (Structure)

● ख़ोज (Discovery)

● अध्ययन (Study)

● वर्गीकरण (Classification)

● जनन (Reproduction)

● श्वसन (Respiration)

● important Point For EXAM 


संरचना (Structure Of Bacteria)

 Bacteria की कोशिका भित्ति पेप्टीडोग्लाइकेन नामक एक विशेष प्रोटीन से बनी होती है।

बैक्टीरिया  एक कोशिका से बने होते है इसलिये इन्हें एककोशिकीय सूक्ष्मजीव कहा जाता है  एवं इन्हें prokaryotic group में रखा गया है (क्योंकि इनमें केन्द्रक नहीं पाया जाता )

बाहरी परत पर, एक या अधिक  flagella or pili जुड़ी होती है, और यह एक लोकोमोटिव अंग (locomotory organ) के रूप में कार्य करती है।

HOST की कोशिकाओं से खुद को जोड़ने के लिए पिली कुछ बैक्टीरिया की मदद करती हैं।सभी जीवाणु/bacteria मनुष्यों के लिए हानिकारक नहीं होते हैं।  कुछ जीवाणु होते हैं जो कई तरीकों से फायदेमंद होते हैं।
ऐसे कई Bacteria हैं जो बीमारियों  का कारण बन सकते हैं।
वे निमोनिया, तपेदिक, डिप्थीरिया, सिफलिस  जैसे कई संक्रामक रोगों के लिए जिम्मेदार हैं। एंटीबायोटिक्स और निर्धारित दवा लेने से इनके प्रभाव को सही किया जा सकता है।

structure of bacteria

 

ख़ोज (Discovery Of Bacteria)-: 

एण्टनी वाँन ल्यूवोनहोक” first observed बैक्टीरिया  in the year 1676  and called them 
animalcules‘ (from Latin ‘animalculum‘ meaning :- tiny animal)

उन्होंने इसे अपने द्वारा ही बनाए गए एकल लेंस सूक्ष्मदर्शी यंत्र से देखा।

"एण्टनी वाँन ल्यूवोनहोक

                 
    Father of Microbiology

The term ‘Bacteria’ was coined by Christian  Gottfried Ehrenberg 


(The German Naturalist ) during year 1838.
(From Greek Word – Bakteria – “little Stick”)

 

Christian  Gottfried Ehrenberg

Christian  Gottfried Ehrenberg

STUDY of Bacteria  –

जीवाणुओं का अध्ययन बैक्टिरियोलोजी के अन्तर्गत किया जाता है जो कि सूक्ष्म जैविकी (Micro biology) की ही एक शाखा है।

~ Bacteriology – Microbiology की एक शाखा

Classification of Bacteria

– Shape के आधार पर बैक्टीरिया 4 type के हैं –

shape of bacteria

(1). Bacilli (दण्डाणु )- Rod Shaped

(2). Cocci (गोलाणु )  – Ball / Spherical shaped

types of bacteria

(3). Spirilla (सर्पिलाणु) – Spiral Shaped

spiral shaped bacteria

(4). Vibrio (कोमा)Comma / Boomerang Shaped


Ex. :-. Vibrio cholerae

Vibrio cholerae

जीवाणु में जनन  (Reproduction in Bacteria) –

binary fission in Bacteria

द्विखण्डन (binary fission) द्वारा  -: 

कोशिका का दो भागों में विभाजित होकर दो नयी कोशिकाओं का निर्माण करना ।यह Asexual Reproduction (अलैंगिक जनन) है।
सभी कोशिकाएँ अनुवांशिकता की दृष्टि से समान होती हैं, अर्थात सबमें एक ही अनुवांशिक पदार्थ होता है।Bacteria द्विखण्डन विधि से जनन करते हैं जो कि अलैंगिक जनन का एक प्रकार है।

Respiration in Bacteria

बैक्टीरिया की प्लाज्मा झिल्ली में उपस्थित Mesosomes
श्वसन के लिए जगह उपलब्ध करवाते हैं।

Bacteria दोनों प्रकार से श्वसन कर सकते हैं :

1.वायवीय (Aerobic)– ऑक्सीजन की Presence में श्वसन

2.अवायवीय (Anaerobic) – Oxygen की absence में श्वसन

Note – : कुछ bacteria ऐसे होते हैं जो ऑक्सीजन की    उपस्थिति या Oxygen की अनुपस्थिति दोनों में Respiration कर सकते हैं।

 Important Point For EXAM 


बैक्टीरिया एककोशिकीय जीव हैं जो प्रोकैरियोटिक समूह से संबंधित हैं जहां जीवों में  स्पष्ट केन्द्रक का अभाव होता है।
–1. इनमें कोशिका भित्ति (Cell wall) पायी जाती है (as a Protective Outer Layer)
अपवाद – माइकोप्लाज्मा (PPLO)

2. ये Earth पर पाए जाने वाले सबसे Oldest एवं Simplest जीव है।

3. ये एक कोशिका के बने होते हैं।

4. बैक्टीरिया पृथ्वी के किसी भी भाग में पाए जा सकते है
Ex. Soil , Rock , Ocean ,

5.वायरस से इनका आकार कम से कम 10 गुना बड़ा होता है।


6.Bacteria can obtain energy and nutrients by performing photosynthesis, decomposing dead organisms and wastes, or breaking down chemical compounds.


7. Bacteria can obtain energy and nutrients by establishing close relationships with other organisms,including mutualistic and parasitic  relationships.

8.Bacteria हानिकारक व लाभदायक दोनों तरह के होते हैं।

9. इनमें Circular DNA (गोल आकार का) भी पाया जाता जाता है जिसे Plasmid DNA कहते हैं तथा धागे के समान उलझे रूप में गुणसूत्रिय DNA

10. केन्द्रक नहीं पाया जाता

11. pili नामक एक संरचना होती है जो बैक्टीरिया को दूसरे जीव से चिपकने में सहायता करती है।

12. Flagella present होता है जो इन्हें गति करने में मदद करता है।

13.70S ribosomes पाये जाते हैं ।
Two subunit of 30S (smaller subunit) and 50S (larger subunit)
“S”  MEANINGSvedberg coefficients

14. माइकोप्लाज्मा (PPLO) की कोशिकाएं बिना oxygen के जीवित रह सकती हैं तथा इनमें कोशिका भित्ति (Cell wall) नहीं पाई जाती।

लाभकारी जीवाणु /Useful Bacteria

जीवाणु Unicellular जीव हैं जिन्हें प्रोकैरियोटिक समूह में रखा गया है  जहां जीवों में कुछ कोशिकांगों और एक स्पष्ट केन्द्रक का अभाव होता है ।

Bacteria

सभी जीवाणु मनुष्यों के लिए हानिकारक नहीं होते हैं। कुछ Bacteria होते हैं जो विभिन्न तरीकों से लाभकारक होते हैं।

Bacteria के संक्रमण का इलाज करने के लिए उपयोग किए जाने वाले एंटीबायोटिक्स Streptomyces का उपयोग करके उत्पादित (produced) किए जाते हैं और इसलिए इन जीवाणुओं को “अच्छे बैक्टीरिया” (Good Bacteria) के रूप में जाना जाता है।

1. जीवाणु प्रकृति में अपघटक का काम करते है।

2. cheese , डेयरी उद्योग में जीवाणु का उपयोग किया जाता है।

3. दूध से दही निर्माण में उपयोगी।
Ex. लैक्टोबैसिलस जीवाणु (They convert sugars to lactic acid).

4. नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने में उपयोगी
Ex. Rhizobium bacteria

5. एंटीबायोटिक्स बनाने में उपयोगी
Ex. streptomyces Family

6. किण्डवन की प्रक्रिया में उपयोगी
जैसे –  brewing , baking, and cheese and butter निर्माण में । 
◆ (Brewing – production of beer )

7. रसायन निर्माण में
Ex. Ethanol, Acetone, organic acids, enzymes, and perfumes

8. sewage Treatment में उपयोगी ।

9. कुछ जीवाणु ख़ाद्य निर्माण में उपयोगी होती है।
Ex. Vinegar , butter , cheese , yogurt


10. E.coli ( Escherichia coli) मनुष्यों की आंत में पाया जाने वाला जीवाणु है जो पाचन क्रिया में सहायता करता है।


Important :- 

● अपघटक (Decomposer )-:  

वे जीव जो मृत जीवों और कार्बनिक पदार्थों का जैव निम्नीकरण करके उन्हें सरल यौगिकों में परिवर्तित करते हैं तथा अपने जीवन-यापन के लिये उनसे अधिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं।

● नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen fixation) –

पौधों में नाइट्रोजन को गैसीय रूप में ग्रहण करने की क्षमता का अभाव होता है। पौधे नाइट्रेट (NO3) तथा नाइट्राइट (NO2) के रूप में नाइट्रोजन ग्रहण करते हैं।
अतः वायुमण्डल की मुक्त नाइट्रोजन गैस (N2)  को नाइट्रोजन के यौगिकों के रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहा जाता है।

Ex. -: Rhizobium bacteria –: लेग्यूमिनस Family (दाल कुल) के पौधों की जड़ों में गांठे उपस्थित होती हैं। इन गाँठों के ऊपर या इनके निकट की भूमि में कुछ सहजीवी जीवाणु उपस्थित रहते हैं। ये जीवाणु वायुमण्डल से सीधे नाइट्रोजन ग्रहण कर उसे नाइट्रेट में बदल देते हैं । 

अलाभकारी जीवाणु /Harmful bacteria

ऐसे कई Bacteria हैं जो बीमारियों  का कारण बन सकते हैं अर्थात कई रोग फैलाते हैं।
वे निमोनिया, तपेदिक, डिप्थीरिया, सिफलिस  जैसे कई संक्रामक रोगों के लिए जिम्मेदार हैं। एंटीबायोटिक्स और निर्धारित दवा लेने से इनके प्रभाव को सही किया जा सकता है।
(1).  कुछ जीवाणु मनुष्यों में रोग फैलाते है।
जैसे – निमोनिया , टायफॉइड 
(2).  जीवाणु भोजन को खराब कर देते हैं।
◆ Clostridium botulinum -:  meat and poultry को नुकसान
◆ Bacillus cereus -:  milk and cream को खराब
(3). जीवाणु पादपों में भी रोग पैदा करते हैं।
Ex.  Xanthomonas campestris -:blight of beans रोग

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Categories: Biology

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