Female Reproductive System- मादा जनन तन्त्र

 

 

Female reproductive system के अंतर्गत एक जोड़ी अंडाशय, गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा, योनि , फेलोपियन नलिका (अंड वाहिनी/डिंबवाहिनी) आदि आते है। तथा मादा जनन तन्त्र के ये सभी अंग स्तन ग्रन्थियों के साथ संरचनात्मक व क्रियात्मक रूप से संयोजित होते है।

मनुष्य सहित प्रायः सभी स्तनियों (Mammals) में यौवनारम्भ के समय ही जननांगों का विकास शुरू हो जाता है तथा यौवनावस्था प्राप्त करने तक वे प्रजनन योग्य हो जाते हैं । 

 

Parts of Female Reproductive System

  1. फैलोपियन नलिका (Fallopian Tube)
  2. अंडाशय (Ovary)
  3. गर्भाशय (Uterus)
  4. योनि (Vagina)
  5. स्तन ग्रन्थि (Breast)

 

 

FallopianTube/फैलोपियन नलिका –

● अन्य नाम -: अंड वाहिनी / डिम्बवाहिनी / oviduct / Salpinges (singular salpinx) 

length -: 10-12 cm.

● Female reproductive system (मादा जनन तन्त्र) में सहायक नलिका (Female reproductive tract)

● ये अंडाशय की परिधि से चलकर गर्भाशय तक जाती है।

● फेलोपियन नलिका के अंदर ही egg व sperm मिलते है।

● यह नलिका मादा युग्मक को अंडाशय से ग्रहण करने व गर्भाशय तक पहुंचाने में सहायता करती है।

● फैलोपियन नलिका की Cells में कुछ hair-like संरचनाऐं होती है जिन्हें सिलिया (Cilia) कहते हैं जो मादा युग्मक की गति में सहायक होते हैं ( नलिका से गर्भाशय तक पहुंचाने में)

(The Fallopian tubes is simple columnar epithelium with hair-like extensions called cilia which carry the fertilized egg.)

 

फेलोपियन नलिका के भाग -:

1. Fimbriae (झालर)

2. Infundibulum

3. Ampulla (तुम्बिका)

4. Isthmus

FallopianTube

 

(1). झालर (Fimbriae)  -: 

● अंगुली नुमा संरचनाएं (Projections)

● अण्डोत्सर्ग के दौरान  अंडाशय से उत्सर्जित मादा युग्मक (Egg/Ovum) को संग्रह करने में ये झालर सहायक होते हैं।

 

(2). Infundibulum -:

● अंडाशय के ठीक पास फैलोपियन नलिका का हिस्सा कीप (Funnel) के आकार का होता है, जिसे infundibulum कहते हैं।

● इस भाग से ही झालर / Fimbriae जुड़े होते हैं।

● infundibulum आगे चलकर फैलोपियन नलिका के एक चौड़े भाग में खुलता है जिसे Ampulla कहते हैं।

 

(3). तुम्बिका (Ampulla) -: 

● फैलोपियन नलिका का सबसे चौड़ा (Widest) भाग

● इस भाग में sperm अंड से मिलता है यानि इस भाग में निषेचन की क्रिया सम्पन्न होती है।

● निषेचन स्थल ( Fertilization Site )

● Ampulla इस्थमस से जुड़ा होता है।

 

(4). Isthmus -: 

● फैलोपियन नलिका का सबसे संकीर्ण (Narrow) भाग

● इस्थमस Ampulla को गर्भाशय गुहा (Uterine Cavity) से जोड़ता है।

 

Questions -: 

Q. Reproductive System गर्भाशय गुहा (Uterine Cavity) क्या है?
Ans. यह गर्भाशय के अंदर होती है। यह  त्रिकोणीय (Triangular)  आकार की होती है।

 

Q. फैलोपियन नलिका का चौड़ा भाग कौनसा होता है? 
Ans. “Ampulla”(तुम्बिका)

 

Q. निषेचन कहाँ सम्पन्न होता है? 
Ans.  फैलोपियन नलिका के Ampulla भाग में निषेचन की क्रिया सम्पन्न होती है।

 

Q. Ampulla को गर्भाशय गुहा से जोड़ने वाली संरचना कौनसी है? 
Ans. इस्थमस (Isthmus)

 

 

OVARY/अंडाशय :

मादा जनन तंत्र का भाग
(Part of Female reproductive system)

● प्राथमिक लैंगिक अंग (Primary Sexual Organ)

● संख्या में 1 जोड़ी (अर्थात 2)

● लम्बाई -:  2 – 4 cm.

● अंडे के आकार की संरचना (Oval Shaped)

 

Ovary

 

मानव शरीर में स्थिति -:

● उदर के निचले भाग के दोनों ओर एक-एक अंडाशय उपस्थित होता है।

● यह श्रोणि भित्ति (Pelvic wall) तथा गर्भाशय से लिगामेंट्स द्वारा जुड़ा होता है।

● प्रत्येक अंडाशय एक पतली उपकला (Epithelium) से ढ़का होता है। जो कि अंडाशय पीठिका (Ovarian Stroma) से जुड़ा होता है।

● यह पीठिका 2 क्षेत्रों एक परिधीय वल्कुट (Cortex) व एक आंतरिक मध्यांश (Medulla) में विभक्त होता है।

● Cortex भाग में, विकास की अलग-अलग अवस्था मे  कई  ovarian Follical मौजूद होते हैं।

 

Ovary/अंडाशय का कार्य

● मादा युग्मक (Egg/ Oocyte/ Ovum) उत्पन्न करना व Egg को फेलोपियन नलिका (Female Reproductive Tract) में मुक्त करना ।

● हॉर्मोन का स्राव करना -: एस्ट्रोजन , प्रोजेस्टेरोन

● एस्ट्रोजन हॉर्मोन मादा में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों व लैंगिक अंगों के परिपक्वन के लिए ज़िम्मेदार होता है।

● प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन गर्भाशय को pregnancy के लिए  तथा स्तन ग्रन्थियों ( mammary glands) को दुग्ध स्राव (lactation) के लिए तथा प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन एस्ट्रोजन साथ कार्य करके Endomatrium में परिवर्तन को Promote करता है।

★ Endomatrium – गर्भाशय की आंतरिक भित्ति जिस पर भ्रूण का रोपण होता है। मासिक चक्र के दौरान यही परत टूटती है।

 

Ovary's function

 

Most Important Points -:

.● अंडाशय में लगभग 2 million eggs उपस्थित होते हैं लेकिन Puberty आने तक इनकी संख्या कम होती जाती है।

● यौवन आरंभ के समय प्रत्येक अंडाशय में 60,000 से 80,000  प्राथमिक पुटक ही शेष बचते हैं।

● मादा में जन्म से ही Egg का बनना शुरू हो जाता है लेकिन ये अपरिपक्व होते हैं । Puberty age (10-12 वर्ष) आने के बाद अंडाशय में उपस्थित ये Egg परिपक्व होने लगते है।

● Puberty (यौवन अवस्था) आने के बाद ही मादा में मासिक चक्र की शुरुआत होती है यानि कि 10 से 12 वर्ष के बाद।

● अंडाशय में ही मादा युग्मक का निर्माण होता है जो कि नर युग्मक (Sperm) से मिलकर युग्मनज का निर्माण करता है जो आगे विभाजित होकर भ्रूण का निर्माण करता है।

 

 

परिभाषाऐं -:

1. प्राथमिक लैंगिक अंग – वे अंग जो युग्मक उत्पन्न करते हैं तथा Sex hormone उत्पन्न करते हैं । ये शरीर में जन्म से उपस्थित होते है।

2. यौवन (Puberty) -: यह वह अवस्था है जब बालक में द्वितीयक लैंगिक लक्षण प्रकट होने लगते है।
जैसे -: बाह्य जननेंद्रियाें पर बाल उगना, लडकों की आवाज भारी होना , दाढी-मुँछे उगना, इत्यादि
और लड़कियों में स्तनाें का आकार बढ़ना, मासिक चक्र की शुरुआत इत्यादि।

(Puberty is the process of physical changes through which a child’s body matures into an adult body capable of sexual reproduction)

 

 

Uterus/गर्भाशय

शरीर में गर्भाशय की स्थिति

  • लम्बाई -: 7.5 cm
  • चोड़ाई -:  4.5 cm
  • मोटाई -:  2.5 cm
  • वजन -:  60 ग्राम
  • अन्य नाम – बच्चादानी (Womb)

 

Uterus
शरीर में गर्भाशय की स्थिति

 

● मेडिकल Science में गर्भाशय के लिए Metrium शब्द use होता है।

● उल्टी रखी नाशपाती (pear Shaped) के आकार की संरचना

● यह एक पेशीय संरचना होती है जो कि संख्या में केवल एक होती है।

● गर्भाशय श्रोणि भित्ति (Pelvic walls) से स्नायुओं (ligaments) के द्वारा जुड़ा होता है।

● Female reproductive system में गर्भाशय -: Secondary Reproductive organ

 

 

Uterus walls-:

गर्भाशय की भित्ति (walls) ऊतकों की 3 परत से बनी होती हैं।

(1).गर्भाशय अन्तः स्तर (Endometrium) -:  

● आंतरिक ग्रन्थिल स्तर

● अर्थात सबसे अंदर की परत

● Endo – आंतरिक

 

(2).  गर्भाशय पेशी स्तर (Myometrium) -: 

● मोटी चिकनी व  पेशीय (Muscular)

● बीच की परत

● Myo – पेशी

 

(3). परि गर्भाशय (Perimetrium) -:

● यह बाहरी पतली झिल्लीमय परत  होती है।

● Peri – बाहरी

 

Uterus Parts/गर्भाशय के भाग

1. Fundus – गर्भाशय का सबसे ऊपरी फुला हुआ  भाग जो फेलोपियन ट्यूब से जुड़ा रहता हैै।

2. Body – ब्लास्टोसिस्ट के रोपण का स्थान

3. Cervix – गर्भाशय के नीचे का भाग जो योनि से जुड़ा होता है, यह भाग संरचनात्मक व कार्यात्मक रूप से गर्भाशय के बाकी भाग से अलग होता है।

 

Uterus Parts

 

Reproductive system Important Points -:

● गर्भाशय योनि (Vagina) में खुलता है एक पतली ग्रीवा (Narrow Cervix) द्वारा।

● ग्रीवा की गुहा को ग्रीवा नाल (Cervical canal) कहते हैं।

● cervical Canal  योनि के साथ मिलकर जन्म नाल (Birth canal) बनाती है।

● मासिक चक्र के दौरान Endometrium(गर्भाशय की आंतरिक परत) में चक्रीय परिवर्तन होते है।

● प्रसव के समय Myometrium (गर्भाशय का मध्य स्तर) में काफी तेज संकुचन होते हैं।

 

4. योनि (vagina)

यह पेशी युक्त संरचना है।
सम्भोग (Copulation) के समय योनि ही शिशन को ग्रहण करती है  तथा वीर्य का स्खलन भी योनि में ही होता है। यही मासिक स्राव व प्रसव के मार्ग का भी कार्य करती है।

 

5. स्तन (Breast)

ये वक्ष भाग में स्थित होते है। इनमे दुग्ध ग्रन्थियां (Mammary Glands) उपस्थित होती हैं ।

 

 

English Terms in Reproductive system
  • ligament -: स्नायु (हड्डी को हड्डी से जोड़ने वाली संरचना)
  • Birth- canal -:  जन्म नाल
  • Cervix -:  ग्रीवा
  • Cervical Canal -:  ग्रीवा नाल
  • Vagina  -:  योनि
  • Muscular -:  पेशीय

 

 

Human Body System  :

Human Digestive System
Human Skeleton System
Modes of Excretion and Excretory Wastes

 

 

Biology  Links –

Fungi: Useful And Harmful Fungi Human Digestive System
Bacteria – Definition, Structure, Diagram, Classification Human Skeleton System
Virus – Discovery, Types, Diseases Components of Food l भोजन के मुख्य अवयव
Vaccine – Definition, Disvovery, Types, Importance Vitamins : Discovery, Types, Diseases

 

 

Previous Year Papers-

REET level-2 Science Previous Year Questions

CTET level-2 Science Previous Year Questions(31 Jan. 2021)

 

 

 

Join Us On Telegram –

Free Online Study Material For Govt. Exams

 

 

 

 

 

 

 

 

 

BEST Books For REET Exams

BEST Books For REET Exams

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Comment