ऊष्मा क्या है – Heat

किसी वस्तु का तापमान उसमें निहित आंतरिक ऊर्जा के कारण होता है , इस आंतरिक ऊर्जा को ऊष्मा/Heat कहा जाता है। ऊष्मा का स्थानांतरण हमेशा उच्च ताप वस्तु से निम्न ताप वाली वस्तु की ओर होता है।

 

ऊष्मा/Heat के मात्रक

  • जूल, कैलोरी, अर्ग(CGS)

SI unit of heat – Joule

1 cal. – 4.2 Joule

I Joule – 1/4.2 Cal.

1 Joule – 107 अर्ग

 

ऊष्मा स्थानातंरण/Transmission Of Heat

ताप में अंतर के कारण ऊष्मा का एक वस्तु से दूसरी वस्तु में जाना अथवा एक ही वस्तु में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना [su_highlight]’ऊष्मा का स्थानांतरण'[/su_highlight]कहलाता है।

ऊष्मा स्थानातंरण की मुख्य 3 विधियाँ होती है –
1). चालन/Conduction
2). संवहन/Convection
3). विकिरण/Radiation

 

1). चालन/Conduction :

जब किसी वस्तु के अलग-अलग भागों के ताप अलग-अलग होता है तब उच्च ताप वाले कण अपने सम्पर्क में रखे निम्न ताप वाले कणों को ऊष्मा प्रदान कर देते हैं।
परिणामस्वरूप वस्तु में Heat उच्च ताप वाले भाग से निम्न ताप वाले भाग की ओर गति करने लगती है। अर्थात Heat Transmission की ऐसी विधि , जिसमें [su_highlight]वस्तु के कण अपने स्थान को नहीं छोड़ते[/su_highlight] हैं चालन/Conduction कहलाती है।

उदाहरण – जब हम धातु की छड़ के एक सिरे को हाथ से पकड़कर इसके दूसरे सिरे को आग में रखते हैं तो कुछ देर बाद छड़ का दूसरा सिर गर्म हो जाता है ,यह ऊष्मा के चालन के कारण होता है।

 

2). संवहन/Convection :

ऊष्मा स्थांतरण की ऐसी विधि , जिसमें पदार्थ के कण एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर गति करते हैं , Convection कहलाती है।

द्रव व गैस के अणु एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर गति करने के लिए स्वतंत्र होते है । जब द्रवों अथवा गैसों में एक स्थान का ताप दूसरे से अधिक हो जाता है वो वहां के अणु(Molecules) गति करके कम तापमान वाले स्थान की ओर जाने लगते हैं । यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है , जब तक सम्पूर्ण पदार्थ का तापमान एक समान नहीं हो जाये।

उदाहरण :
समुद्र की अपेक्षा स्थल अधिक गर्म हो जाता है इसके निम्न कारण हैं –
– जल की विशिष्ट ऊष्मा का अधिक होता है
– समुद्र के विशाल जल आयतन के कारण ऊष्मा वितरित हो जाती है।

 

3). Radiation/विकिरण :

ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि जिसमें किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती , विकिरण कहलाती है । किसी गर्म वस्तु से Heat विद्युत चुम्बकीय तरंगों के रूप में गति करती है जिसे विकिरण ऊर्जा/Radiation Energy कहा जाता है।
तथा Heat Transmission की यह विधि विकिरण कहलाती है।

उदाहरण :
सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक विकिरण विधि द्वारा ही स्थानांतरित होती है।

– यदि जूतों पर पॉलिश करके उनकी सतह को चमकदार बना दिया जाए तो ऐसे जूते अपने ऊपर पड़ने वाली Heat को परावर्तित कर देते हैं और धूप से जल्दी गर्म नहीं होते।

 

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