(भोजन में पोषक पदार्थों की कमी )

जब भोजन के माध्यम से आवश्यक पोषक तत्व शरीर को प्राप्त नहीं हो पाते अथवा शरीर द्वारा अवशोषित नहीं हो पाते  जिसके कारण शरीर मे पोषक पदार्थो की कमी हो जाती है।

भोजन में पोषक पदार्थो की कमी से शरीर में अनेक रोग उत्पन्न हो जाते है तथा मानव शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

पोषक पदार्थो की कमी से  पाचन संबंधी समस्याएं, त्वचा सम्बन्धी समस्याऐं , defective Bone Growth आदि हो सकता है।

 
Nutrients (पोषक)

1. प्रोटीन 


2. विटामिन


3. वसा


4. कार्बोहाइड्रेट


5. न्यूक्लिक अम्ल


6 . जल 


7. खनिज तत्व 




■ प्रोटीन की कमी
-:

1. क्वाशियोकोर (Kwashiorkor Disease) -: 

● इस रोग में बच्चों के हाथ पांव दुबले – पतले हो जाते हैं तथा पेट बाहर निकल आता यानी सूजा हुुुआ (Swollen) दिखाई देता है।

● ankles and feet सूज जाते हैं।

● यह रोग सामान्यतः बच्चों में देखा जाता है।

2. मरास्मस ( Marasmus) -: 


● इस रोग में बच्चों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

● त्वचा सुखी हो जाती है।

● शरीर का ताप असामान्य रहने लगता है।
( hypothermia pyrexia)

● चिड़चिड़ापन , बालों का आसानी से टूट जाना आदि इस रोग के लक्षण है।


■ विटामिन की कमी  -:

1. विटामिन शरीर को अल्प मात्रा में आवश्यक होते है लेकिन इनकी कमी से शरीर मे कई रोग हो जाते हैं।

2. विटामिन A की कमी से आंख कमजोर हो जाती है।

3. विटामिन k की कमी से रक्त का थक्का नहीं जमता।


■ वसा की कमी -: 

1. त्वचा रूखी हो जाती है।

2. शरीर मे ऊर्जा की कमी हो जाती है क्योंकि सबसे अधिक ऊर्जा शरीर को वसा से ही मिलती है।

3. वजन में कमी आ जाती है।


■ कार्बोहाइड्रेट की कमी – 

1. शरीर को ऊर्जा नहीं मिल पाएगी (सबसे शीघ्र ऊर्जा प्रदान करता है कार्बोहाइड्रेट)


■ न्यूक्लिक अम्ल की कमी – 

◆ न्यूक्लिक अम्ल कार्बन , फॉस्फोरस , नाइट्रोजन , ऑक्सीजन , हाइड्रोजन ,नाइट्रोजन  के बने जैवबहुलक होते है।

1. हमारे शरीर मे DNA व RNA के रूप में उपस्थित होते है जो एक पीढ़ी से दूसरी में गुण का स्थानांतरण करते है यदि न्यूक्लिक अम्ल की कमी हो जाएगी तो शरीर में गुणो का संचरण ठीक से नही हो पायेगा।

■ जल की कमी  -: 

1. जल की कमी से शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है।

2. मानव शरीर में अधिकतम मात्रा जल की होती है अतः जल आवश्यक है।


■ खनिज तत्वों की कमी -: 

1. लौह(Fe)-


●लौह (Iron) रक्त के हीमोग्लोबिन निर्माण में सहायक है।

●इसकी कमी से एनिमिया रोग हो जाता है।

2.कैल्शियम(Ca) –

● दांत व हड्डियां कमजोर हो जाती है।

Hypocalcaemia –  रक्त में कैल्शियम की कमी

3.फॉस्फोरस (P) –


● कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डियों का विकास करता है।

●इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

4.आयोडीन (I) -:

● इसकी कमी से घेंघा रोग (Goitre) रोग हो जाता है। यह थाइरोइड ग्रन्थि का रोग होता है।

5.सोडियम(Na) -:

● इसकी कमी से शरीर में जल का संतुलन बिगड़ जाता है।

hyponatremia – रक्त में सोडियम की कमी

6.पोटैशियम(k) -: 

● शरीर मे धड़कन का नियम ,पेशी संकुचन में सहायक , तरल पदार्थों (Fluid balance) का नियमन

हाइपोकेलेमिया(Hypokalamia) – रक्त में पोटैशियम की कमी
परिणाम – Vomiting, Diarrhea (दस्त), एड्रिनल ग्रन्थि के Disorder , कमजोर मांसपेशी , असामान्य ह्रदय गति

7.मैग्नीशियम(Mg) -:

●  Osteoporosis ( हड्डीयो का रोग) 


● मानसिक विकार


● अनियमित ह्रदय गति (Irregular Heartbeat)


● उच्च रक्त दाब ( high blood pressure)


● मांसपेशियों में कमजोरी 

8.कोबाल्ट (Co) – 


●Vitamin B12 का आवश्यक तत्व ।

● लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में आवश्यक ।

● इसकी कमी से शरीर मे  vit. B12 की कमी हो जाएगी जो कि एक आवश्यक विटामिन है।

● कोबाल्ट की कमी से एनिमिया रोग हो जाता है।

● अन्य लक्षण – थकावट , हाथ – पैरों में सिहरन(Tingling)  , भूख कम लगना

Macrocytic Anemia – लाल रक्त कोशिकाओं का असामान्य विकास


■ Important -: 

1. Marasmus ग्रीक शब्द Marasmos से आया है जिसका मतलब है – “withering

2. शरीर मे वसा (Fat) एडिपोस ऊतक (Adipose Tissue ) के रूप में जमा हो जाती है।

3. 1gm वसा से प्राप्त ऊर्जा – लगभग – 9 कैलोरी

Categories: Biology

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