पादप (plant) क्या होते है? 


पादप
/plant पृथ्वी पर सबसे आवश्यक जीवित (living) जीवों में से एक हैं। पौधे जानवरों और मनुष्यों दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। plants ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं जो जीवों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Reaction -: 

 

6CO2  +   6 H2O  —  C6H12O6  +  6O2



पौधों के विभिन्न भाग (plant parts)-:


● जड़ (Roots)

● तना (Stem)

● पत्ती (Leaf)

● पुष्प (Flower)

● फल (Fruits)

जड़ (Roots) क्या है?

roots पादप का महत्वपूर्ण भाग है जो पादप को सहारा प्रदान करता है।
 जड़ पादप का वह भाग होता है  जो जमीन के अंदर स्थित होता है तथा पादप के लिए  मिट्टी से जल व पोषक पदार्थो का अवशोषण करता है।
roots के द्वारा ही पादप के विभिन्न भागों तक पोषक पदार्थो का परिवहन होता है।

 

जड़ क्या कार्य करतीं हैं ?

(1). जड़ पौधों को सहारा प्रदान करती हैं।

(2). जड़ पौधों के लिए मिट्टी से जल व अन्य खनिज पदार्थों का अवशोषण करती हैं।

(3). कुछ जड़ भोजन का संग्रह भी करती है।

 

जड़ (मूल) कितने प्रकार की होती है ?

– 3 TYPES

(1). मूसला मूल (TAP ROOT )

(2). रेशेदार मूल (FIBROUS ROOT)

(3). अपस्थानिक मूल (ADVENTITIOUS ROOT)

 


(1). मूसला जड़ 

(Tap Root ) -: 

प्राथमिक जड़े एवं इनकी शाखाएं मिलकर मूसला मूल तंत्र बनाती है । इन पर छोटे -छोटे मूलरोम (Root hairs)  उपस्थित होते है।
पौधे की मुख्य जड़ जिससे छोटी-छोटी जड़ें निकलती हैं।

उदाहरण – सरसों का पौधा , गाजर , चुकंदर ।

 
 
Tap root

मूसला मूल 

 

 
 
(2). रेशेदार जड़ (Fibrous Roots) 
 

प्राथमिक जड़े(Primary roots)  जब अल्पजीवी होती है तो वे पतली जड़ों द्वारा प्रतिस्थापित हो जाती है , इस प्रकार की जड़ें तने के आधार से निकलती है।

उदाहरण – गेहूं का पौधा , चावल, मक्का, केला

 

 

Fibrous root

रेशेदार जड़

(3). अपस्थानिक जड़


 (Adventitious Roots) -:



 इसमें मूल/ जड़,  मूलांकुर (Radicle) के बजाय पौधें के अन्य भाग से निकलती है ।

उदाहरण – घास , बरगद

 

Adventitious Roots

अपस्थानिक जड़

 


तना (STEM) -:

तना  पादप का वायवीय भाग होता है , जो भूमि के ऊपर स्थित होता है तथा Plumule (प्रांक़ुर) से विकसित होता है । तने पर शाखाएं ,पत्तियां एवं पुष्प लगते है ।

Plumuleबीज का वह भाग जिससे तना विकसित होता है। 

वृद्धि – पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण के विपरीत प्रकाश की ओर 



Stem
 

 

■ कार्य (Function of Stem) – :

Stem पादप को सहारा (Support) व सुरक्षा प्रदान करता है।

◆तना जल , खनिज लवण एवं प्रकाश संशलेषी पदार्थो का संवहन करता है।

◆कुछ तने भोजन सँग्रह  करते है ।

तना कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

 

◆ तने का रूपांतरण – 3 प्रकार से 

(1). भूमिगत तना (Underground)


(2). वायवीय तना  (Aerial)


(3). उपवायवीय  तना ( Sub- Aerial)

 

(1). भूमिगत रुपांतरण
 (Underground Modification )  –

● प्रकन्द (Rhizome) – हल्दी , अदरक , केला

● कन्द ( Tubers) – आलू

● शल्क कन्द (Bulb) – प्याज, लहसुन

● घनकन्द (Corm) – जमीकंद , अरबी (Colocasia)

 


(2). वायवीय रूपांतरण
 (Aerial Modification) – : 

● Phylloclades (पर्णाभ वृन्त)

● cladodes (क्लेडोडस)

● Thorns (काँटे)

● Stem Tendrils (तना प्रतान)


(3). उपवायवीय तनों के रूपांतरण
 (Sub-Aerial Modification)   – :

 

● रनर (Runner)

● स्टॉलोंन (Stolon)

● चूषक (Sucker)

● भूस्तारिका (offset)

■ तना Plant की सुरक्षा , जानवरों से रक्षा , प्रतिकूल परिस्थितियों में पादप को जीवित रखने , प्रकाश संश्लेषण के लिए , भोजन सँग्रह के लिए अपने आप को रूपांतरित कर लेते है।

 

READ MORE – 

 

Categories: Biology

0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *